Bhagavad Gita
श्रीमद्भगवद्गीता
700 श्लोकों की दिव्य वाणी — कर्म योग, ज्ञान योग और भक्ति योग का सार, प्रत्येक श्लोक का सरल हिंदी भावार्थ।
इस ग्रंथ में क्या मिलेगा
118 अध्यायों का सार
2कर्म योग का विज्ञान
3ज्ञान और विज्ञान योग
4भक्ति और शरणागति
सामग्री क्रमशः जोड़ी जा रही है
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ॐ असतो मा सद्गमयतमसो मा ज्योतिर्गमयसत्यमेव जयतेवासुधैव कुटुम्बकम्कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचनसर्वे भवन्तु सुखिनःसर्वे सन्तु निरामयाः
